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किडनी दो तरीके से खराब हो सकती है। à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट यानी अचानक किडनी का फेल हो जाना या कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• यानी किडनी का धीरे-धीरे खराब होना। à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट किडनी फेलियर है तो किडनी का वापस सामानà¥à¤¯ हो जाना संà¤à¤µ है, लेकिन कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• किडनी डिसीज (CKD) में किडनी दोबारा ठीक नहीं हो सकती है।
किडनी फेलियर का इलाज कैसे किया जाता है-
उपचार के चार विकलà¥à¤ª हैं जिनमें से रोगी चà¥à¤¨ सकता है:
हेमोडायलिसिस:
यह à¤à¤• उपचार पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ है जो à¤à¤• फिलà¥à¤Ÿà¤° के माधà¥à¤¯à¤® से शरीर से रकà¥à¤¤ को बाहर निकालने के लिठमशीन का उपयोग करती है, जिससे विषाकà¥à¤¤ अपशिषà¥à¤Ÿ और अतिरिकà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ निकल जाता है। यह विधि बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के सà¥à¤¤à¤° को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखने और रकà¥à¤¤ में आवशà¥à¤¯à¤• मिनरलà¥à¤¸ जैसे कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, पोटेशियम, सोडियम और बाइकारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿ की मातà¥à¤°à¤¾ को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने में मदद करती है।
इस मेथड में चिकितà¥à¤¸à¤• पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• उपचार सतà¥à¤° में रकà¥à¤¤ की à¤à¤• बड़ी मातà¥à¤°à¤¾ को छानने के लिठवाहिकाओं में à¤à¤• à¤à¤•à¥à¤¸à¥‡à¤¸ पॉइंट बनाता है। à¤à¤• अलग फिलà¥à¤Ÿà¤° की मदद से रकà¥à¤¤ को शरीर में वापस ले जाया जाता है। हालांकि हेमोडायलिसिस किडनी फेलियर की समसà¥à¤¯à¤¾ को ठीक नहीं कर सकता है, लेकिन यह निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ राहत पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर सकता है।
पेरिटोनियल डायलिसिस:
यह मेथड शरीर में रकà¥à¤¤ को फिलà¥à¤Ÿà¤° करने और पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में अपशिषà¥à¤Ÿ को खतà¥à¤® करने के लिठबेली लाइनिंग का उपयोग करती है। हेमोडायलिसिस की तरह इस मेथड का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ पेट के पेरिटोनियम असà¥à¤¤à¤° की मदद से शरीर से विषाकà¥à¤¤ अपशिषà¥à¤Ÿ और अतिरिकà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ को छानना है। इस मेथड में सरà¥à¤œà¤¨ उपचार शà¥à¤°à¥‚ होने से कà¥à¤› सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ पहले ही पेट में à¤à¤• टà¥à¤¯à¥‚ब डालता है। कैथेटर या टà¥à¤¯à¥‚ब सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ रूप से पेट में रहती है।
उपचार के दौरान à¤à¤• डायलिसिस सलूशन बैग से टà¥à¤¯à¥‚ब के माधà¥à¤¯à¤® से पेट में सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित किया जाता है। यह घोल आपके शरीर में रहता है और जहरीले रसायनों और अतिरिकà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ को सोख लेता है। कà¥à¤› समय बाद डायलिसिस का घोल टà¥à¤¯à¥‚ब/कैथेटर के जरिठशरीर से बाहर निकल जाता है। à¤à¤•à¥à¤¸à¤šà¥‡à¤‚ज नामक इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को कई बार दोहराया जाता है।
किडनी पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ (टà¥à¤°à¤¾à¤‚सपà¥à¤²à¤¾à¤‚ट):
यह à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सरà¥à¤œà¤°à¥€ है जिसमें कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ किडनी के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ किडनी को लगाया जाता है। यह नई किडनी या तो किसी मृत वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से या फिर किसी जीवित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से à¤à¤•तà¥à¤°à¤¿à¤¤ की जाती है। पहले मामले में, किडनी को मृत डोनर किडनी कहा जाता है और बाद में जीवित डोनर किडनी कहा जाता है। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤¿à¤¤ किडनी को सरà¥à¤œà¤¨ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उदर कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में लगाई जाती है और धमनी से जोड़ी जाती है।
कनà¥à¤¸à¤°à¥à¤µà¤Ÿà¤¿à¤µ पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन विधि:
चौथी और आखिरी विधि जो किडनी खराब होने के कारणों जैसे à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का इलाज करने के लिठडायलिसिस या पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ के बजाय दवाओं के उपयोग पर जोर देती है।
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